किसने मगध साम्राज्य में वज्जि गणसंघ को हराकर-आत्मसात किया ?
Who defeated and assimilated the Vajjis into the empire of Magadha?
वैशाली वज्जि संघ का प्रमुख गणराज्य था। यहां के शासक लिच्छवी थे। बिंबिसार के समय से ही मगध एवं वज्जि संघ में मनमुटाव था, जो अजातशत्रु के समय संघर्ष में बदल गया। निरयावलि सूत्र से ज्ञात होता है कि उस समय लिच्छवी गण का प्रधान चेटक था। उसने 9 लिच्छवियों, 9 मल्लों तथा 18 गणराज्यों (काशी-कोशल के) को एकत्र करके मगध नरेश के विरुद्ध एक सम्मिलित मोर्चा तैयार किया। भगवती सूत्र से ज्ञात होता है कि अजातशत्रु इन सबका विजेता था। अजातशत्रु ने कूटनीति से काम लिया। पाटलिग्राम में उसने सुदृढ़ दुर्ग का निर्माण करवाया। तत्पश्चात उसने अपने मंत्री वस्सकार को भेजकर वज्जि संघ में फूट डलवा दी। फलस्वरूप वे परस्पर लड़ने लगे और उनका संगठन कमजोर हो गया। अंततोगत्वा अजातशत्रु ने आक्रमण करके लिच्छवियों को पराजित किया और उनका भू-भाग मगध साम्राज्य में मिला लिया।
Vaishali was the principal republic of the Vajji confederacy. The ruler of this place were Lichchhavi. From the time of Bimbisara, there was estrangement in the Magadha and Vajji Confederations, which turned into conflict during the time of Ajatashatru. It is known from Nirayavali sutra that at that time Chetak was chief of Lichchhavi. He prepared a united front of 9 Lichchhavis, 9 Mallas and 18 Ganrajayas (of Kashi-Koshala) against the king of Magadha. As per Bhagavati Sutta, Ajatashatru was winner of all of them. He defeated Lichchhavis and annexed the Vajjis to the Magadha.