भारत में आस्तिक और नास्तिक संप्रदायों में कौन-सा विभेदक लक्षण है?
Which one of the following is the distinctive feature of a nastika and astika system in India ?
राममूर्ति पाठक (भारतीय दर्शन की समीक्षात्मक रूपरेखा) के अनुसार, आस्तिक और नास्तिक संप्रदाय के वर्गीकरण का आधार कभी 'वेद-प्रमाण्य में विश्वास रहा' है, तो कभी 'ईश्वर की सत्ता में विश्वास'। 'परलोक की मान्यता' भी इस वर्गीकरण का आधार रही है; किंतु 'वेद-प्रमाण्य में विश्वास' ही इस वर्गीकरण का सर्वसम्मत आधार बना; अर्थात आस्तिक संप्रदाय वे हैं, जो वेदों की प्रामाणिकता को मानते हैं तथा नास्तिक संप्रदाय वे हैं, जो वेदों की प्रामाणिकता को नहीं मानते हैं। अतः विकल्प (c) सही उत्तर है।
In the context of 6th century BC, Astika sect belonged to those who believed in the authenticity of Vedas and Nastika sect was of those who did not believe in the authenticity of Vedas. Thus, option (c) is the correct answer.