प्राचीन जैन धर्म के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा एक सही है?
With reference to ancient Jainism, which one of the following statements is correct?
उपर्युक्त कथनों में केवल विकल्प (c) सत्य है। दक्षिण भारत में जैन धर्म का प्रचार आचार्य भद्रबाहु एवं उनके शिष्यों द्वारा हुआ था। भद्रबाहु के समर्थक दिगंबर कहलाए, इन्होंने पाटलिपुत्र में आयोजित जैन धर्म की प्रथम महासभा में भाग नहीं लिया था। जबकि कलिंग का चेदि वंशीय शासक खारवेल जैन धर्म का अनुयायी था, उसने जैन साधुओं को संरक्षण प्रदान किया और उनके निर्वाह के लिए प्रभूत दान दिए तथा उनके रहने के लिए आरामदायक निवास स्थान बनवाए। उसने भुवनेश्वर के पास उदयगिरि तथा खंडगिरि पहाड़ियों को कटवाकर जैन भिक्षुओं के निवास के लिए गुहा विहार बनवाए थे। जैन धर्म की प्रारंभिक अवस्था में चित्र पूजा या मूर्ति पूजा प्रचलित नहीं थी।
Option (c) is the correct answer. Bhadrabahuswami spread Jainism in South India. Their followers are called Digambars. Kalinga King Kharavela was the follower of Jainism. He gave patronage to Jain Monks and donated for their livelihood.