निम्नलिखित तीर्थंकरों पर विचार कीजिए तथा उनको सही कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए : 1. अभिनंदन II. विमल नाथ III. मुनिसुव्रत नाथ IV. पद्मप्रभ नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए। कूटः
Consider the following 'Tirthankara' and arrange them in chronological order: I. Abhinandan II. Vimal Nath III.Munishubratha Nath IV. Padmaprabhu Select the correct answer from the code given below. Code :
जैन संस्थापकों को तीर्थंकर, जबकि जैन महात्माओं को निर्ग्रथ कहा गया। जैन धर्म में कुल 24 तीर्थंकर माने जाते हैं, जिन्होंने समय-समय पर जैन धर्म का प्रचार-प्रसार किया। ये हैं 1. ऋषभनाथ, 2. अजितनाथ, 3. संभवनाथ, 4. अभिनंदन, 5. सुमतिनाथ, 6. पद्मप्रभ, 7. सुपार्श्वनाथ, 8. चंद्रप्रभ, 9. पुष्पदंत (सुविधिनाथ), 10. शीतलनाथ, 11. श्रेयांसनाथ, 12. वासुपूज्य, 13. विमलनाथ, 14. अनंतनाथ, 15. धर्मनाथ, 16. शांतिनाथ, 17. कुंथुनाथ, 18. अरनाथ, 19. मल्लिनाथ, 20. मुनि-सुव्रत, 21. नमिनाथ, 22. नेमिनाथ या अरिष्टनेमि, 23. पार्श्वनाथ एवं 24. महावीर स्वामी।
Abhinandana Natha was 4th Tirthankara, Padmaprabhu was 6th Tirthankara, Vimal Nath was 13th and Munishuvrata Nath was 20th Tirthankara.