"उदित उदयगिरि मंच पर, रघुवर बाल -पतंग। बिगसे सन्त-सरोज सब, हरषे लोचन-भृंग।" इस काव्य-पंक्ति में कौन-सी शब्द-शक्ति है? (a) शाब्दी व्यंजना शब्द-शक्ति (b) आर्थी व्यंजना शब्द-शक्ति (c) प्रयोजनवती लक्षणा शब्द-शक्ति (d) रूढ़ि लक्षणा शब्द-शक्ति
"Udit Udayagiri manch par, Raghuvar baal-patang. Bigse sant-saroj sab, harshe lochan-bhring." Which word power is present in this poetic verse? (a) Shabdi Vyanjana (b) Aarthi Vyanjana (c) Prayojanvati Lakshana (d) Rudhi Lakshana
आयोग द्वारा उत्तर विकल्प (a) माना गया है। व्याख्या के अनुसार मुख्यार्थ का बोध होने पर रूढ़ि प्रयोजन के द्वारा मुख्य अर्थ से सम्बन्ध रखने वाला अन्य अर्थ जिस शब्द-शक्ति से लक्षित होता है, उसे लक्षणा शब्द-शक्ति कहते हैं। लक्षणा शब्द-शक्ति के उपभेद प्रयोजनवती लक्षणा तब होती है, जहाँ मुख्यार्थ का बोध होने पर किसी विशेष प्रयोजन के कारण मुख्यार्थ से सम्बन्ध रखने वाले लक्ष्यार्थ का बोध होता हो। प्रश्नोक्त उदाहरण में इसी शब्द-शक्ति का प्रयोग हुआ है।
Option (a) was officially assigned by the commission key, though scholarly analysis indicates Prayojanvati Lakshana (option c) operates in this metaphorical construction.